Examination

GOVERNMENT GIRLS' P.G. COLLEGE, GHAZIPUR


Examination

 

Internal Evaluation

The college follows the procedures internal evaluation as instructed by Veer Bahadurl Singh Purvanchal University.

For Graduation (B.A. & B.Sc.)

विद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अंकित उपबंधो के क्रम में स्नातक प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2021-22) की  परीक्षा प्रश्न पत्रो के प्रारूप एवं परीक्षा संचालन से सम्बंधित व्यवस्था निम्नानुसार निर्धारित की जाती है -

  1. सभी विषयो  यथा – 03 मेजर विषय, 01 इलेक्टिय विषय, 01 पोकेशनल विषय एवं 01 अनिवार्य को -करीकुलर विषय से सम्बंधित प्रत्येक प्रश्न पत्र की परीक्षा 100 अंक की  संपन्न करायी जाएगी। प्रायोगिक विषयों से सम्बंधित प्रायोगिक कार्य की  परीक्षा 100 अंकोकी होगी
  2. शासनादेशानुसार  ACADEMIC BANK OF CREDITS UP के सन्दर्भ में प्रदान की गयी व्यवस्था के अनुक्रम में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) वेबसाइट पर उपलब्ध UGC GUIDELINES ON ADOPTION OF (CHOICE BASED CREDIT SYSTEM में उल्लिखित व्यवस्था को मानक मानते हुए समस्त विषयों में छात्र को प्राप्त होने वाले अंकों को विश्वविद्यालय द्वारा तुलनात्मक क्रेडिट पॉइट / ग्रेड पॉइट में परिवर्तित किया जायेगा |
  3. 03 मेजर विषयों और 01 इलेक्टिव विषय की परीक्षा 25 प्रतिशत सतत आन्तरिक मूल्याकन (महाविद्यालय द्वारा) एवं 75 प्रतिशत वाह्य मूल्याकन (विश्वविद्यालय द्वारा) के आधार पर संपन्न करायी जाएगी।
  4. 04 मेजर विषयों और 01 इलेक्टिव विषय के सतत आन्तरिक मूल्यांकन से सम्बंधित 25 अंको का विभाजन निम्न्वत होगा –

क . पात्र की सापेक्षिक उपस्थिति के लिए 05 अंक निर्धारित होगे जिनका वितरण इस प्रकार किया जायेगा

(1) छात्र को 95% - 100% उपस्थिति के सापेक्ष 05 अंक

(2) 85% -  94% उपस्थिति के सापेक्ष 04 अंक

(3) 80- 84% उपस्थिति के सापेक्ष 03 अंक

(4) 75% - 79% उपस्थिति के सापेक्ष 02 अंक

       परीक्षा मे सम्मिलित होने के लिए छात्र की 75% उपस्थिति की अनिवार्यता से सम्बन्धित पूर्व

       प्रचलित नियम यथावत रहेगा।

(5) छात्र को विश्वविद्यालय परिनियमावली में प्रदत्त व्यवस्था के अनुक्रम में यदि विशेष परिस्थिति

     के अंतर्गत 75% उपस्थिति की अनिवार्यता में निर्धारित छूट प्राप्त होती है तो उसे मात्र 01 अंक   

     प्रदान किया जायेगा।

 

ख. छात्र को प्रदान किये जाने वाले असाइनमेंट (Assignment) एवं असाइनमेंट प्रेजेंटेशन (Assignment Presentation) के सापेक्ष 05 अंक निर्धारित होगे । विषयगत सन्दर्भ में मूल्यांकन व्यवस्था निम्नवत होगी

 (i) प्रत्येक छात्र को प्रत्येक प्रश्न-पत्र की पाठ्यचर्या से सम्बन्धित किसी शीर्षक पर 500-1500 शब्दों तक का हस्तलिखित अथवा प्रिंटेड प्रारूप में एक अलाइनमेंट जमा करना होगा, जिसका विषय के प्राध्यापक द्वारा 05 अंको में मूल्याकन किया जायेगा।

 (ii) प्राध्यापक-गण यदि उचित समझे तो असाइनमेंट के सापेक्ष छात्र को PPT प्रस्तुतीकरण के लिए भी प्रोत्साहित

कर सकते हैं। ऐसी दशा में निर्धारित 05 अंको का वितरण विवेकानुसार जमा किये गए असाइनमेंट एवं प्रस्तुतीकरण के पृथक-पृथक मूल्यांकन पर होगा।

 

ग. सम्बन्धित विषय में छात्र के मिड-सेमेस्टर - क्लास टेस्ट (सेशनल टेस्ट) के सापेक्ष 15 अंक निर्धारित होंगे। विषयगत सन्दर्भ में प्रत्येक छात्र को प्रत्येक प्रश्न-पत्र के लिए पृथक-पृथक रूप से 15 अंकों की मिड-सेमेस्टर टेस्ट (सेशनल टेस्ट) परीक्षा देनी होगी। यह परीक्षा महाविद्यालय को आन्तरिक व्यवस्था के अंतर्गत सम्पन्न करानी होगी। इस टेस्ट के लिए प्रश्न-पत्र का प्रारूप इस प्रकार होगा

(i) प्रश्न-पत्र में कुल 05 प्रश्नों के उत्तर 1: 00 घण्टे की समयावधि में देने होंगे।

(ii) प्रथम प्रश्न के लिए 2 अंक निर्धारित होंगे तथा प्रश्न की संरचना इस प्रकार होगी कि छात्र उसका उत्तर 10-20 शब्दों में दे सके

(ii) दूसरे, तीसरे और चौथे प्रश्न के लिए 03 - 03 अंक निर्धारित होगे तथा प्रश्न की संरचना इस प्रकार होगी कि छात्र उसका उत्तर 40-50 शब्दों में दे सके।

(iv) पांचवे प्रश्न के लिए 04 अंक निर्धारित होंगे तथा प्रश्न की संरचना इस प्रकार होगी कि छात्र उसका उत्तर  70-80 शब्दों में दे सके

घ. छात्र के मिड-सेमेस्टर - क्लास टेस्ट (सेशनल टेस्ट) के मूल्यांकन एवं परीक्षा सम्बन्धी अन्य व्यवस्थाएं महाविद्यालय द्वारा आन्तरिक स्तर पर निम्नवत् निर्धारित की जायेंगी

(i) प्रत्येक विषय का मिड सेमेस्टर क्लास टेस्ट (सेशनल टेस्ट) महाविद्यालय के सम्बन्धित विषयाध्यापक द्वारा निर्धारित समय सारिणी के अंतर्गत सम्पन्न कराये जायेंगे।

(ii) विषयाध्यापक छात्र द्वारा अंकित उत्तरो का सापेक्षिक मूल्यांकन करेंगे अर्थात यदि छात्र ने किसी प्रश्न का आधा उत्तर सही लिखा है तो उसे उस प्रश्न के लिए निर्धारित अंकों का आधा प्रदान किया जायेगा।

(iii) सेशनल क्लास टेस्ट के लिए प्रत्येक छात्र प्रत्येक विषय के लिए पृथक-पृथक रूप से एक 20. पृष्ठ का रजिस्टर बनाएगा जिसपर यह प्रश्नों के उत्तर अंकित करेगा। प्रत्येक विषय के रजिस्टर के प्रथम पृष्ठ पर छात्र द्वारा स्पष्ट रूप से अपना नाम,  विषय / प्रश्न पत्र का शीर्षक, रोल नम्बर, महाविद्यालय रजिस्ट्रेशन नम्बर (यदि है तो) अंकित किया जायेगा। टेस्ट के उपरान्त यह रजिस्टर महाविद्यालय द्वारा मूल्यांकन हेतु जमा करा लिया जायेगा।

(iv) मूल्यांकन के उपरान्त छात्र को उत्तर पुस्तिका / टेस्ट-रजिस्टर अपने अंको का वितरण देखने के लिए प्रदर्शित की जाएगी तथा अवलोकन के उपरान्त उसका हस्ताक्षर भी उत्तर पुस्तिका / टेस्ट रजिस्टर पर करवाते हुए रजिस्टर महाविद्यालय द्वारा जमा करा लिया जायेगा। छात्र को आवंटित अंकों के सम्बन्ध में यदि उसकी किसी प्रकार की जिज्ञासा है तो विषय के अध्यापक द्वारा उसका निराकरण किया जायेगा।

(v) छात्र द्वारा प्रत्येक सेमेस्टर के सेशनल क्लास टेस्ट के लिए अलग-अलग रजिस्टर का उपयोग किया जायेगा।

(vi) सेशनल क्लास टेस्ट के लिए सम्बन्धित विषय अध्यापक द्वारा निर्मित प्रश्न-पत्र को परीक्षा-कक्ष के ब्लैकबोर्ड पर परीक्षा के प्रारम्भ में अंकित करते हुए छात्रों को सम्बंधित प्रश्न अपनी उत्तरपुस्तिका के द्वितीय पृष्ठ पर लिखने के लिए निर्देशित किया जायेगा। इस कार्य के लिए परीक्षा अवधि के निर्धारित 01 घन्टे के क्रम में 15 मिनट का अतिरिक्त समय प्रदान किया जायेगा।

(vii) भाषा विषय के अतिरिक्त प्रश्न पत्र की भाषा (हिन्दी अथवा अंग्रेजी अथवा हिन्दी-अंग्रेजी दोनों) छात्र समूह की भाषाई सुविधा के आधार पर विषयाध्यापक द्वारा निर्धारित की जाएगी।

(viii) विषयाध्यापक द्वारा सेशनल क्लास टेस्ट की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन लाल-इक की कलम द्वारा महाविद्यालय परिसर में ही किया जायेगा। उत्तरपुस्तिकाओं को मूल्यांकन के लिए घर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मूल्यांकन कार्य सेशनल क्लास टेस्ट की समाप्ति के एक सप्ताह के अन्दर अनिवार्य रूप से संपन्न करा लिया जायेगा।

(ix) सेशनल क्लास टेस्ट की समय सारिणी,  प्रश्न-पत्र निर्माण, परीक्षा-कक्ष की व्यवस्था टेस्ट के उपरान्त निर्धारित समयाकी में मूल्यांकन कार्य,  निर्धारित अवधि में अको को विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराना एवं अन्य सम्बन्धित परीक्षा कार्यों की निगरानी महाविद्यालय के प्राचार्य स्वयं करेंगे अथवा इस कार्य के लिए किसी सक्षम प्राध्यापक को नियुक्त करते हुए इसकी सूचना परीक्षा नियंत्रक को उपलब्ध करायेंगे।

(ix) सेशनल क्लास टेस्ट की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के उपरान्त सम्बन्धित विषयों के अक विश्वविद्यालय को ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराया जाना होगा तथा अंकपर्ण की दो प्रति तैयार की जायेगी जिसकी एक प्रति प्राचार्य अथवा उनके द्वारा नामित प्राध्यापक द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित मूल रूप से विश्वविद्यालय को उपलब्ध करायेंगे तथा एक प्रति महाविद्यालय में सुरक्षित रखेंगे। सम्बन्धित व्यवस्था के सम्बन्ध में प्रति सेमेस्टर के क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा पृथक रूप से अधिसूचना जारी की जाएगी।

 

Mid-Term Exam

 

Mechanism for Internal Evaluation

                The institution has transparent and robust evaluation process in terms of frequency and mode. In order to ensure transparency in internal assessment, the system of internal assessment is communicated with the students well on time using digital tools. To ensure effective implementation of the evaluation process at the entry level, admissions are given purely on merit basis and the lists of merit students are displayed on Notice board. Students who are admitted for the concerned course are assessed continuously through various evaluation processes at college and University level. Continuous evaluation is made through Group Discussion, Unit Tests, Assignments Submission, Field Visit / Field Work and Seminars Presentation. The performance of the students are displayed on the Notice Boards. Students appearing for Second /third year are asked to deliver the seminars of the concerned subject. Teachers direct students to prepare power point presentation. For transparent and robust  internal assessment, the following mechanisms are followed           

  1. Constitution of Internal Examination Committee.
  2. Question Paper Setting.
  3. Conduct of Examination.
  4. Constitution of flying squad.
  5. Monitoring through CCTV cameras.

The seminar presentation improves the communication skills of the students.

 

 

 

 

 

Students' Grievances and Redressal